Pauri Garhwal…..वन पंचायतों के सशक्तिकरण पर गुमखाल में मंथन, सरपंचों से किया सीधा संवाद|कमल उनियाल की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
गुमखाल (पौड़ी गढ़वाल)। पौड़ी जनपद के विकासखंड द्वारीखाल के अंतर्गत गुमखाल स्थित सद्भावना लॉज में भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के तत्वावधान में वन पंचायतों के सशक्तिकरण को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में वन पंचायतों के सरपंचों से सीधा संवाद कर वन संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने, स्थानीय समस्याओं के समाधान तथा ग्रामीणों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति मजबूत करने को लेकर सुझाव साझा किए गए।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि प्रमुख वन संरक्षक वन पंचायत डॉ. एस.पी. सिंह ने वन पंचायतों के सुदृढ़ीकरण, वन संरक्षण, जनसहभागिता और विभिन्न समस्याओं के निराकरण पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने वन पंचायतों की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सरपंचों के साथ संवाद कर उनके सुझाव सुने।

उपनिदेशक वन पंचायत उत्तराखंड वेद प्रकाश किमोठी ने कहा कि वन पंचायतें केवल वन प्रबंधन की व्यवस्था नहीं हैं, बल्कि जनभागीदारी और ग्रामीण स्वशासन की महत्वपूर्ण विरासत भी हैं। इनके माध्यम से ग्रामीण वन संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
भूमि संरक्षण वन प्रभाग लैंसडौन के प्रभागीय वनाधिकारी स्पर्श काला ने कहा कि सशक्त वन पंचायतें पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने का भी महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने वन पंचायतों की सक्रिय भागीदारी को आवश्यक बताया।
उप प्रभागीय वनाधिकारी प्रशांत हिंदवाण, वन क्षेत्राधिकारी विशन दत्त जोशी और वन क्षेत्राधिकारी गणेश बहुगुणा सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं वन विभाग और वन पंचायतों के बीच समन्वय बढ़ाने तथा स्थानीय स्तर पर वन संरक्षण के प्रयासों को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

कार्यशाला में वन क्षेत्राधिकारी भृगुखाल अनिल देवलाल, वन क्षेत्राधिकारी रिखणीखाल भजन सिंह रावत, वन क्षेत्राधिकारी चैलूसेण बाबू सिंह, हंस फाउंडेशन के सीनियर प्रोजेक्ट मैनेजर पुरुषोत्तम थपलियाल, आशीष रावत, लक्ष्मण रावत, एसडीआरएफ कोटद्वार के मनीष उनियाल और मटियाली के वन दरोगा कमलेश रतूड़ी सहित विभिन्न गांवों से आए वन पंचायतों के सरपंच एवं ग्रामीण मौजूद रहे।
