उत्तराखंडसंपादकीय

रसूलपुर में झूला पुल की मांग को लेकर आंदोलन तेज, 28वें दिन भी जारी रहा धरना |गीता जोशी की Report

Share this news

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस

Laldhang News

क्रमिक अनशन के दसवें दिन सुरेंद्र सिंह रावत और विजेंद्र गोड बैठे अनशन पर, शासन-प्रशासन की उदासीनता से ग्रामीणों में आक्रोश

लालढांग। रसूलपुर में रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर चल रहा धरना 28वें दिन भी जारी रहा। वहीं, क्रमिक अनशन के दसवें दिन सुरेंद्र सिंह रावत और विजेंद्र गोड अनशन पर बैठे। शासन-प्रशासन के उदासीन रवैये से नाराज ग्रामीण और आंदोलनकारी अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।

रसूलपुर, आर्यनगर, मंगोलपुरा और आसपास के गांवों के ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दौरान रवासन नदी उफान पर आ जाती है, जिससे क्षेत्र का संपर्क पूरी तरह कट जाता है। ऐसी स्थिति में स्कूली बच्चों, बीमार बुजुर्गों और आम लोगों को नदी पार करने में भारी जोखिम उठाना पड़ता है।

ग्रामीणों के मुताबिक, हाल ही में नदी पार करते समय एक छात्र की जान चली गई थी। इस घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ गया और झूला पुल निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन ने जोर पकड़ लिया। ग्रामीणों का कहना है कि वे लंबे समय से नदी पर झूला पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, ताकि लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर नदी पार न करनी पड़े।

आंदोलनकारियों का कहना है कि 28 दिनों से लगातार धरना देने और क्रमिक अनशन करने के बावजूद उनकी मांग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। शासन-प्रशासन की बेरुखी से नाराज ग्रामीणों ने मांग पूरी होने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प जताया है।

ad12

इस लंबे संघर्ष के दौरान आंदोलनकारियों को विभिन्न संगठनों का समर्थन भी मिल रहा है। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में मातृशक्ति, युवा और बुजुर्ग मौजूद रहे। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन जल्द ही उनकी समस्या का संज्ञान लेकर रवासन नदी पर झूला पुल निर्माण की दिशा में ठोस कदम उठाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *