World Mental Health Day 2026….जन के जागरण ” जन जागरण ” से होगा मानसिक रोगों का खात्मा, गुरूकुल में लिया संकल्प| Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
मानसिक रोगों के खात्मे के लिये जन का जागरण का जरूरी, गुरूकुल में आयोजन
-विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर गुरूकुल कांगडी विवि में हुयी संगोष्ठी
-मानसिक स्वास्थ्य को दुरूरस्त के लिये जन-जागरूकता पर दिया जोर
संवाददाता, हरिद्वार
गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय, हरिद्वार के मनोविज्ञान विभाग की ओर से विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर आयोजित संगोष्ठी में मानसिक रोगों के कारण व निवारण पर जोर दिया गया। इस अवसर पर मनासिक रोगों के समूल निवारण के लिये जागरूकता जागृत करने के लिये आमजन से आगे आने की अपील भी की गयी। इस कार्यक्रम मंें गीत-संगीत का ऐसा तड़का लगा कि दिल बाग-बाग हो गया।


शनिवार को सेमिनार हाॅल में आयोजित इस कार्यक्रम में योग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. उधम सिंह ने मानसिक सेहत को दुरूस्त रखने के लिये योग की महत्ता बतायी। उन्होंने कहा कि योग की क्रियाओं के निरंतर अभ्यास से समग्र स्वास्थ्य का विकास होता है। उन्होंने मन को साधने के लिये ध्यान क्रियाओं पर भी ज्ञान साझा किया।
World Mental Health Day 2026

इसी क्रम में दर्शनशास्त्र विभाग के डॉ. बबलू ने मानसिक स्वास्थ्य के संदर्भ में दार्शनिक विचार देते हुये कहा कि इच्छाओं का सम्यक तुष्टिकरण ही मानसिक स्वास्थ्य को बल देता है। उन्होंने कहा कि आमजन को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने लिये मनोविज्ञान व मनोवैज्ञानिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

मनोविज्ञान विषय के विभागाध्यक्ष प्रो अरूण कुमार ने सभी वक्ताओं का स्वागत करते हुये कहा कि मौजूदा दौर में मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है लेकिन मानसिक रोगों के खात्मे के लिये लोगों में जागरूकता भी आ रही है।

उन्होंने कहा कि जागरूकता को और अधिक गति देने के लिये जागरूक नागरिकों को भी आगे की जरूरत है। मानसिक रोगों को दूर करने के लिये व्यापक पर सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है।

मनोविज्ञान विभगा के एसोसिएट प्रोफेसर डा नवीन पंत ने मानसिक स्वास्थ्य में सुधार के लिये संगीत पर जोर देते हुये कहा कि संगीत ऐसी विधा है जिससे मानसिक रोगों का खात्मा हो जाता है। उन्होंने शोध पत्रों का हवाला देते हुये कहा कि मानसिक स्वास्थ्य का संगीत से गहरा नाता है। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य के लिये आध्यात्मिक चेतना विकसित करने व संगीत के निरंतर अभ्यास पर बल दिया।


डा विक्रम सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रायोगिक विज्ञान पर उपयोगी जानकारी साझा की। इस मौके पर ऋषभ गोला ने गिटार पर धुनों को झंकृत पर मन भावन सावन कर दिया।
इस अवसर पर शोध छात्र गोविंद, प्रशांत, श्रृति, रचना, अमित मौजूद रहे। संचालन मलखीत सिंह ने किया।
