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Pauri News..” चंद्र प्रकाश कुकरेती ” कुछ तो बात है कुछ तो खास है, आसमान की ओर बढ़ती बुलंद हौसलों की उड़ान |जगमोहन डांगी की Report

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सिटी लाइव टुडे, जगमोहन डांगी, पौड़ी
कहा जाता है कि हौंसलों में दम हो और इरादे बुलंद हो तो फिर हौसलों की उड़ान को पंख भी लगते हैं और यह उड़ान मंजिल तक भी पहुंचती है। ऐसे शख्स ही इतिहास रचते हैं और नजीज बनकर समाज को संदेश भी देते हैं। अपने बुलंद इरादों के कर्मवीर पट्टी मनियारस्यूं के ग्राम बुटली निवासी प्रवासी नागरिक चंद्र प्रकाश कुकरेती ठीक ऐसे ही हैं और ऐसा ही उन्होंने करके भी दिखाया है।जिन्होंने अपने संसाधनों से गांव के विकास की नई तस्वीर गढ़ी है। इससे गांव के बंद किस्मत के ताले भी खुल गये हैं और तकदीर व तस्वीर दोनों ही बदलती नजर आ रही है।

पत्नी की स्मृति में सेवा कार्य, मंदिरों का जीर्णोद्धार और जनहित के कार्यों से दी नई दिशा

प्रवासी चंद्र प्रकाश कुकरेती बने गांव के बदलाव की मिसाल


चंद्र प्रकाश कुकरेती न केवल एक सफल प्रवासी हैं, बल्कि अपने गांव और समाज के प्रति उनकी संवेदनशीलता उन्हें खास बनाती है। उनकी धर्मपत्नी स्व. नीलम कुकरेती की प्रथम पुण्यतिथि पर नोएडा (गौतम बुद्धनगर) स्थित उनके निवास पर पितृभोज का आयोजन किया गया, जिसमें स्कूली छात्र-छात्राओं को भी आमंत्रित कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया।
वहीं, उनके पैतृक गांव बुटली में 14 अप्रैल को स्व.नीलम कुकरेती की स्मृति में पौधरोपण कार्यक्रम और दिव्यांगजनों को उपकरण वितरण किया जाएगा। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति उनकी संवेदनशीलता को भी दर्शाती है।
चंद्र प्रकाश कुकरेती इससे पहले भी अपने गांव में कई उल्लेखनीय कार्य कर चुके हैं। उन्होंने मां बाल कुंवारी देवी और इष्टदेव नागराजा मंदिर का पुन्य जीर्णोद्धार कर उन्हें भव्य और आकर्षक स्वरूप दिया|


मंदिर के आकृति देने के लिए बकायदा उड़ीसा प्रांत से विशेष कारीगरों को बुलवाया गया| इतना ही नहीं, उन्होंने अपने निजी संसाधनों से मुख्य सड़क से मंदिर तक लगभग 50-50 मीटर के संपर्क मार्ग सीसी खड़ीचा निर्माण करवाया,
जो ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा साबित हो रहा है।


यह कार्य कहीं न कहीं सरकारी तंत्र को भी आईना दिखाता है कि इच्छाशक्ति हो तो विकास संभव है। उन्होंने अपने पुराने पुश्तैनी मकान का भी पुनर्निर्माण कर उसे भव्य दो मंजिला भवन में तब्दील किया। यदि यही भवन नोएडा आदि महानगरों में बनाते तो लाखों रुपये का किराया मिल सकता था,लेकिन उन्होंने गांव को प्राथमिकता दी। उन्होंने अपने माता पिता का सपनो को साकार किया चंद्र प्रकाश कुकरेती बताते कि पिताजी की गांव के विकास और गांव के कमजोर लोगों की मदद के लिए हमेशा आगे रहते थे। हम भी उनकी पद चिन्हों पर चलने का प्रयास कर रहे है।

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आज चंद्र प्रकाश कुकरेती जैसे प्रवासी लोगों की सोच और पहल यह संदेश देती है कि यदि हर गांव में ऐसे लोग आगे आएं, तो विकास की रफ्तार कई गुना बढ़ सकती है। 14 अप्रैल को उनकी पत्नी धर्मपत्नी श्रीमती नीलम कुकरेती की प्रथम पुण्यतिथि पर गांव उनकी स्मृति में वृक्ष रोपण कार्यक्रम के बुर्जुग एवं दिव्यांग लोगों के लिए विशेष हेल्थ केयर काउंसलिंग आयोजित किया जाएगा | इसके पश्चात विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन में मुख्यातिथि जिला पंचायत सदस्य गढ़कोट श्रीमती सविता देवी होंगी।।

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