साईं सृजन पटल ’ का 12वां अंक विमोचित, डॉ. अमित सहरावत ने किया विमोचन, उत्तराखंड की साहित्यिक यात्रा को मिला नया आयाम|पुलकित नारंग की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस-हरिद्वार
उत्तराखंड की साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को समर्पित मासिक पत्रिका ‘साईं सृजन पटल’ ने अपने निरंतर प्रकाशन के एक वर्ष पूर्ण होने पर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। इस महत्वपूर्ण अवसर पर पत्रिका के 12वें अंक का विशेषांक के रूप में भव्य विमोचन किया गया। यह विमोचन एम्स ऋषिकेश के कैंसर रोग विशेषज्ञ और सह-आचार्य डॉ. अमित सहरावत के कर-कमलों द्वारा किया गया।
इस समारोह में डॉ. सहरावत ने पत्रिका की अब तक की यात्रा की सराहना करते हुए कहा, “एक वर्ष पूर्व जो प्रयास छोटे पौधे के रूप में शुरू हुआ था, आज वह एक वटवृक्ष बनकर साहित्य प्रेमियों को अपनी छांव दे रहा है। ‘साईं सृजन पटल’ केवल एक साहित्यिक मंच नहीं, बल्कि यह उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान और सामाजिक चेतना को संजोने का दायित्व भी निभा रहा है।” उन्होंने कहा कि यह पत्रिका अब डिजिटल माध्यम से केवल भारत में ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर उत्तराखंड की आवाज बन रही है।

इस विशेष आयोजन में पत्रिका के संपादक प्रो. डॉ. के. एल. तलवाड़ ने संपादकीय टीम के अथक परिश्रम, लेखकों के रचनात्मक योगदान और पाठकों के निरंतर समर्थन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “हमने ‘उत्तराखंड में लेखन और सृजन के लिए सदैव प्रतिबद्ध’ इस सिद्धांत के साथ एक वर्ष पूर्व इस यात्रा की शुरुआत की थी। आज यह यात्रा सफलता की ओर निरंतर अग्रसर है। यह हम सभी के सामूहिक विश्वास और प्रयास का परिणाम है।”
पत्रिका के उपसंपादक अंकित तिवारी ने पत्रिका की दिशा और दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हर अंक में उत्तराखंड की संस्कृति, परंपरा, साहित्य और कला के विविध पक्षों को उजागर किया जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों को अपनी विरासत से जोड़ा जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नवोदित लेखकों को निरंतर प्रोत्साहन देने का प्रयास किया जाता है और पत्रिका का प्रत्येक अंक उत्तराखंड के परिवेश को समर्पित रहता है।
सह-संपादक अमन तलवाड़ ने जानकारी दी कि पत्रिका के सभी अंक वेबसाइट पर उपलब्ध हैं और हार्ड कॉपी का पूरा संग्रह देश के विभिन्न विशिष्ट पुस्तकालयों में भी भेजा जाएगा। साथ ही, ई-संस्करण का वितरण विमोचन के तुरंत बाद पाठकों तक डिजिटल माध्यम से किया जाता है, जिससे इसकी पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक सुनिश्चित हो सके।
इस अवसर पर डॉ. अमित सहरावत को उनके रचनात्मक योगदान के लिए ‘लेखक श्री सम्मान’ से भी सम्मानित किया गया, जो इस मंच के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और साहित्य के क्षेत्र में उनके योगदान को प्रमाणित करता है।
कार्यक्रम में नीलम तलवाड़, इंसाइडी क्रियेटिव मीडिया के सीईओ अक्षत तलवाड़, और रोबिन समेत अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सभी ने पत्रिका की उपलब्धियों की सराहना करते हुए इसके उज्जवल भविष्य की कामना की।

निष्कर्षतः, ‘साईं सृजन पटल’ का यह 12वां अंक और उसका विमोचन उत्तराखंड की साहित्यिक चेतना का प्रतीक बन चुका है। यह मंच न केवल लेखन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि राज्य की सांस्कृतिक और सामाजिक धरोहर को संरक्षित करने में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। यह विमोचन समारोह निश्चित रूप से साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक नई सोच और दिशा का आगाज है
