Pauri News..कविता के रंग में रंगे तन व मन| काव्य के कई रंग हुये एकसार| साभार-मनोज रावत “अंजुल “

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस


संस्कृति नगरी पौड़ी में चल रहे ग्रीष्मोत्सव में बृहस्पतिवार का दिन बेहद खास व यादगार रहा। तन और मन दोनों कविता के रंग में ऐसे रंगे कि दिल बाग-बाग हो उठा और जुबां से एक ही आवाज आयी कि वाह-वाह-वाह और वाह। वाह क्या बात है।
कवियों के काव्य तरकश से निकले बाणों ने सरकारी सिस्टम पर भी जमकर निशाना साधा गया। हास्यरूपी Vitamis भी कविओं ने दर्शकों को खूब पिलायी। सीधी बात यह कि काव्य के कई रंग एकसार हुये और जमकर छलक उठा काव्य कलश।


स्थाीनय प्रेक्षागृह में आयेाजित कावि सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। कवि सम्मेलन में हिंदी की कविता की धारा जमकर बही और दर्शक भी इस धारा में खूब डुबे रहे। सधे हुये अंदाज व लय में कवियों ने एक से बढ़कर एक कविता सुनाकर समां बांधी। कवियों ने शब्द रूपी बाणों ने सामाजिक ताने पर भी निशाना साधा तो व्यवस्था की खामियों को भी उकेरा।


गीतकार व गायक मनोज रावत अंजुल ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कविता पढ़ी तो दर्शकों ने तालियों के तोहफे से स्वागत किया। लोक भाषा की सौंधी महक से भी कवि सम्मेलन में महक उठी। गढ़वाली- हिंदी कवि सम्मेलन में जहां कवियों ने रचनाओं के माध्यम से व्यवस्था पर कटाक्ष किया वही हास्य और व्यंग के विविध रंगों से श्रोताओं को गुदगुदाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।

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देर रात तक चले इस कवि सम्मेलन में आनंद भारद्वाज( अध्यक्षता),गणेश खुगशाल गणी मुरली दीवान, गिरीश पंत मृणाल, देवेंद्र उनियाल, वीरेंद्र खंकरियाल, डॉ ऋतु, प्रमेंद्र नेगी, मनोज रावत अंजुल , नवीन मियां, कैलाश पवार,अंजली डूडेजा, मयंक सुंद्रियाल,रश्मि सहित नई पीढ़ी के कई रचनाकारों ने काव्य पाठ किया। संचालन हिंदी के सशक्त युवा कवि विजय का कपरवाण ने किया।

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