RESEARCH|कहीं आपकी कुंडली में ये तो नहीं| जानिये क्या| साभार-प्रो पूजा कौशिक

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सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउससाभार-प्रो पूजा कौशिक


यदि आपका मन चंचल है और दिमाग में उलझन है। सीधे शब्दोंमें कहें तो आप मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं हैं और मनोवैज्ञानिक व्याधियों से ग्रसित हैं तो इसका कारण आपकी कुंडली के चैथे व पांचवें घर मंे कू्रूर ग्रहों का प्रभाव है। मानसिक रोगियों की कुंडली पर किये गये एक शोध में यह बात सामने आयी है। मनोविज्ञानी प्रो पूजा कौशिक के शोध में यह निष्कर्ष निकला है।

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प्रो पूजा कौशिक


प्रो पूजा कौशिक ने मनोविज्ञान में पीएचडी के साथ ही ज्योतिष शास्त्र में भी गहन अध्ययन किया है। मनोविज्ञानी प्रो पूजा ने देहरादून, सहारनपुर और अन्य जगहों के मनोचिकित्सकों से मनोरोगियों की सूची प्राप्त की। इसके बाद जन्मतिथि के आधार पर सभी की कुंडली बनायी गयी। प्रो पूजा कौशिक बताती हैं कि करीब दो सौ मनोरोगियों की कुंडली बनाकर बांची गयी। इसमें पाया गया कि जातकों का चैथा व पांचवां घर पापी ग्रहों से ग्रसित है। किसी के चैथे तो किसी के पांचवें घर में राहु, केतु व शनि की वक्र-दृष्टि पड़ी है। इन क्रूर ग्रहोें की महादशा भी चैथे व पांचवें घर में पायी गयी।

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इसके अलावा प्रो पूजा कौशिक के शोध में यह बात भी सामने आयी कि मनोरोगियों के चैथे व पांचवें घर में क्षीण का चंद्रामा भी व्याप्त है। क्षीण के चंद्रमा से मतलब कृष्ण पक्ष के चंद्रमा से है। इस शोध में यह भी खुलासा हुआ कि चैथे व पांचवें घर में नीच का बुध भी बना हुआ है। दरअसल, ज्योतिषशास़्त्र में चैथे घर को मन व विचारों का स्थान माना गया है। जबकि पांचवें घर को बु़िद्ध-विवेक का स्थान बताया गया है। प्रो पूजा कौशिक कहती हैं कि ज्योतिषशास्त्र का जीवन की हर घटना से लेना-देना है। उन्होंने बताया कि मनोरोग होने में भी ग्रहों की भूमिका होती है।

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