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कठुडबड़ा नाम ही नहीं बल्कि काम भी बड़ा| द्वारीखाल से जयमल चंद्रा की रिपोर्ट

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सिटी लाइव टुडे, जयमल चंद्रा, द्वारीखाल


जनपद पौड़ी के द्वारीखाल ब्लॉक के पट्टी ढांगू के गांव कठुड्बड़ा की,पहाड़ो की खूबसूरत वादियों में बसा है यह गांव। ऋषिकेश व कोटद्वार दोनों शहरों से यहाँ ब्यक्तिगत वाहन व बस द्वारा पहुचा जा सकता है। कठुड्बड़ा, दीबा, उच्चर व कालाखेत उप गांवांे को सम्मलित कर कठुड्बड़ा ग्राम सभा का गठन हुआ है। देवीखाल की तलहटी पर बसा यह गांव खेती में आज भी अग्रणीय गांवो में है। पलायन की मार पूरे पहाड़ पर में हुई है यह गांव भी इससे अछूता नही है।

आज भी इस गांव में खेती बखूबी की जा रही है। खेतांे में गेहूँ, जौ, सरसांे की बुवाई हो चुकी है। आलू, प्याज, लहसून से खेतों में हरियाली छाई हुई है। यहा के किसान आलू, प्याज,लहसुन आदि दूसरे गांवो में बेचकर अच्छी आमदनी प्राप्त करते हैं। आज भी यह गांव पूरे ब्लॉक में खेती के लिए जाना जाता है। यह के निवासी परमानंद कुकरेती बताते हैं कि इस गांव की आबादी 2500 के आसपास थी लेकिन पलायन के चलते आज आबादी 1200 ही रह गयी है। वे बताते हंै कि देवीखाल का नाम यहां कि मनोकामना पूर्ण करने वाली आस्था की देवी बालकुवारी मंदिर के नाम पर पड़ा है।

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उनके अनुसार इस सालों पुराने मंदिर में लोग दूर दूर से अपनी मनोकामना पूर्ण करने के लिए मन्नत मांगने आते हैं। देवी उनको आशीर्वाद देती है और उनकी मनोकामना पूर्ण होती है। लोकमणी बताते है कि शिक्षा की भी उचित ब्यवस्था है,गांव में ही प्राथमिक विद्यालय तथा देवीखाल में हाई स्कूल है जहाँ यह के बच्चे शिक्षा पा रहे हैं।

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