” जय हो ” 30 साल बाद दीपावली पर धन लक्ष्मी योग और इस योग का संयोग, शुभ मुहूर्त में करें पूजन|

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस।
30 साल बाद दीपावली पर धन लक्ष्मी योग और अनफा योग का संयोग, शुभ मुहूर्त में करें पूजन
ज्योति पर्व दीपावली इस बार विशेष ज्योतिषीय संयोगों के साथ मनाई जाएगी। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस वर्ष दीपावली पर धन लक्ष्मी योग और अनफा योग का विशेष संयोग बन रहा है। बताया जा रहा है कि करीब 30 वर्षों बाद ये दोनों योग एक ही दिन बन रहे हैं। ऐसे में इस बार की दीपावली लक्ष्मी पूजन, सुख-समृद्धि और व्यापारिक उन्नति की कामना के लिए विशेष मानी जा रही है।

लक्ष्मी पूजन के लिए शाम 5:54 से 7:50 बजे तक रहेगा श्रेष्ठ मुहूर्त, व्यापारियों के लिए कुंभ लग्न में पूजन शुभ
दीपावली का पर्व प्रत्येक वर्ष कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को मनाया जाता है। इस बार 8 नवंबर को अमावस्या के साथ प्रदोष काल का भी संयोग बन रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गृहस्थों, व्यापारियों और साधना करने वालों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। शास्त्रों में दीपावली पूजन के लिए प्रदोष काल, निशीथ काल और महानिशीथ काल का एक ही तिथि में मिलना शुभ माना गया है।
लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए 1 घंटा 54 मिनट का श्रेष्ठ मुहूर्त
ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 8 नवंबर को शाम 5:31 बजे से रात 8:09 बजे तक प्रदोष काल रहेगा। इस दौरान वृषभ लग्न का भी संयोग बनेगा। लक्ष्मी-गणेश पूजन के लिए सबसे श्रेष्ठ मुहूर्त शाम 5:54 बजे से रात 7:50 बजे तक निर्धारित बताया गया है। इस प्रकार श्रद्धालुओं को पूजा-अर्चना के लिए कुल 1 घंटा 54 मिनट का शुभ समय मिलेगा।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार प्रदोष काल में वृषभ जैसे स्थिर लग्न के दौरान मां लक्ष्मी और भगवान गणेश का पूजन विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इस समय विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, शांति और धन-धान्य की वृद्धि होती है।
व्यापारियों के लिए कुंभ लग्न में पूजन का शुभ समय
दीपावली पर व्यापारी वर्ग अपने प्रतिष्ठानों, कार्यालयों और कारखानों में भी भगवान गणेश एवं मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना करता है। इसके लिए कुंभ लग्न का समय दोपहर 1:27 बजे से 2:54 बजे तक बताया गया है।

इस शुभ समय में व्यापारी अपने प्रतिष्ठानों, बही-खातों और तिजोरी की पूजा कर नए वित्तीय वर्ष में व्यापारिक उन्नति, धन-समृद्धि और सफलता की मंगलकामना कर सकते हैं। धार्मिक आस्था और परंपराओं के अनुसार इस विशेष संयोग में दीपावली पूजन का अपना अलग महत्व माना जा रहा है।
