लालढंग में रवासन नदी पर झूला पुल की मांग तेज, 17 दिन के धरने के बाद क्रमिक अनशन शुरू|गीता जोशी की Report

सिटी लाइव टुडे, लालढंग (गीता जोशी):
लालढंग क्षेत्र के रवासन नदी पर झूला पुल बनाने की मांग को लेकर चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन अब और अधिक उग्र हो गया है। पिछले 17 दिनों से लगातार चल रहे धरना-प्रदर्शन के बाद अब आंदोलन ने क्रमिक अनशन का रूप ले लिया है, जिसके पहले दिन दो ग्रामीण अनशन पर बैठ गए हैं।

सालों पुरानी है मांग, अनसुना करने से बढ़ा आक्रोश
ग्रामीणों का कहना है कि रवासन नदी पर झूला पुल बनाए जाने की मांग कोई नई नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी है। लंबे समय से स्थानीय लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन द्वारा लगातार इस मांग की अनदेखी की जा रही है। 17 दिनों तक शांतिपूर्ण धरना देने के बावजूद जब प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं आई, तो ग्रामीणों में भारी गुस्सा फूट पड़ा।
आर-पार की लड़ाई के मूड में ग्रामीण
आंदोलन के अगले चरण के तहत सोमवार को महेंद्र सिंह और रामचंद्र पाल ने क्रमिक अनशन की शुरुआत की। उनके समर्थन में भारी संख्या में ग्रामीण मौके पर डटे हुए हैं। ग्रामीणों का दो टूक कहना है कि इस बार यह संघर्ष आर-पार का होगा।

अनशन स्थल पर “ग्रामीण एकता जिंदाबाद”, “युवा शक्ति जिंदाबाद”, “मातृशक्ति जिंदाबाद” और “इंकलाब जिंदाबाद” के नारों के साथ ग्रामीणों का जोश और हौसला बुलंद नजर आ रहा है। वे अपनी मांग पूरी होने तक पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
