‎Haridwar News…ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज का द्विदिवसीय वार्षिक अधिवेशन 28–29 नवंबर 2026 को|Click कर पढ़िये पूरी News

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‎सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
ऋषिकुल आयुर्वेद कॉलेज से संबद्ध ऋषिकुल स्नातक एवं स्नातकोत्तर एसोसिएशन की नवीन कार्यकारिणी की प्रथम बैठक आज दिनांक 28 दिसंबर 2025 को सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता संगठन के वरिष्ठ संरक्षक श्री रमेश चंद्र गोयल जी ने की।



‎बैठक के प्रारंभ में संगठन के संरक्षक डॉ. देवेंद्र शर्मा (चमोली) द्वारा दिनांक 12 अक्टूबर 2025 को संपन्न पूर्व बैठक की कार्यवाही को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। इसके उपरांत एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. विनीत कुमार अग्निहोत्री ने कोषाध्यक्ष डॉ. टी. के. गर्ग द्वारा प्रस्तुत खातों से संबंधित विवरण से सदस्यों को अवगत कराया।



‎इसके बाद आगामी वार्षिक अधिवेशन के संबंध में सचिव डॉ. वेद भूषण शर्मा द्वारा प्रस्तुत महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। सदस्यों ने एकमत से यह मत व्यक्त किया कि अधिवेशन को व्यापक, प्रभावी एवं वृहद स्तर पर आयोजित करने के लिए पर्याप्त समय की आवश्यकता है। साथ ही फरवरी माह में परीक्षाओं एवं अत्यधिक शीत के दृष्टिगत अधिवेशन का आयोजन नवंबर 2026 में करने का निर्णय लिया गया।

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‎सर्वसम्मति से यह तय किया गया कि आगामी अधिवेशन को द्विदिवसीय एकेडमिक वर्कशॉप-कम-एलुमनी मीट के रूप में आयोजित किया जाएगा, जिसके लिए 28 एवं 29 नवंबर 2026 की तिथियां सुनिश्चित की गईं।

‎बैठक में यह प्रस्ताव भी पारित किया गया कि संगठन की गतिविधियों को सुदृढ़ करने एवं अधिवेशन से संबंधित सूचनाओं के प्रभावी प्रसार हेतु प्रत्येक जनपद स्तर पर एक नोडल अधिकारी नामित किया जाएगा, जो संबंधित जनपद में ऋषिकुल प्रतिनिधि के रूप में कार्य करेंगे और अन्य ऋषिकुलियन साथियों से समन्वय स्थापित करेंगे।

‎इसके अतिरिक्त संगठन की सदस्य संख्या में वृद्धि करने पर भी सहमति बनी, जिससे अधिक से अधिक पूर्व छात्रों की सहभागिता सुनिश्चित हो सके और अधिवेशन को और अधिक भव्य स्वरूप दिया जा सके।

‎बैठक में उपरोक्त पदाधिकारियों के अतिरिक्त डॉ. अशोक पालीवाल, डॉ. प्रेम प्रकाश सतलेवाल, डॉ. नरेश चौधरी, डॉ. उदय पांडे, डॉ. पारुल शर्मा एवं डॉ. यादवेंद्र यादव की गरिमामयी उपस्थिति रही।

‎मीडिया प्रभारी डॉ. अवनीश उपाध्याय ने जानकारी देते हुए बताया कि,“नवंबर 2026 में प्रस्तावित द्विदिवसीय अधिवेशन न केवल शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह ऋषिकुल परिवार के सभी पूर्व छात्रों को एक सशक्त मंच पर जोड़ने का कार्य भी करेगा। संगठन का प्रयास है कि अधिकतम सहभागिता के साथ यह आयोजन स्मरणीय और प्रेरणादायी बने।”

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