स्वामी शिवानंद जी महाराज की सुरक्षा के लिए 18 पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग|इन अधिवक्ताओं ने लिखा CM को पत्र|विकास श्रीवास्तव की Report

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस-विकास श्रीवास्तव की रिपोर्ट
मातृ सदन आश्रम जगजीतपुर जिला हरिद्वार के एडवोकेट अरुण भदोरिया व कमल भदोरिया एडवोकेट ने उत्तराखंड राज्य के मुख्यमंत्री को खनन माफियाओं से आश्रम मातृ सदन के संतो व पूज्य स्वामी शिवानंद जी महाराज की सुरक्षा के लिए 18 पुलिस कर्मियों की तैनाती की मांग की है और पत्र लिखकर यह मांग की गई है कि जिला हरिद्वार में आश्रम मातृ सदन जगजीतपुर जो की एक आध्यात्मिक संस्था है और गंगा जी में कोई अवैध खनन न हो और गंगा अविरल बहती रहे आश्रम मातृ सदन का हमेशा से यही प्रयास रहा है आश्रम के द्वारा समाजहित में व जनहित में बहुत कार्य किए गए हैं ।
कुंभ क्षेत्र हरिद्वार के 108 हेक्टर वन भूमि जिसको भू माफियाओं ने रेवेन्यू के रिकॉर्ड में जालसाजी करके अपने नाम दर्ज करवा लिया था आश्रम मातृ सदन जगजीतपुर के द्वारा माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड में याचिका संख्या 17 5/2001 दायर करके भू माफियाओं से उक्त भूमि वन विभाग को दिलवाई दी और PIL का समस्त खर्च आश्रम के द्वारा वहन किया गया और इस भूमि पर सन 2004 से लगातार कुंभ मेले का और कावड़ मेले का आयोजन के लिए प्रयोग किया जा रहा है और आश्रम के संत पूज्य स्वामी निग़मानंद सरस्वती व ब्रह्मलीन स्वामी ज्ञान स्वरूप आनंद जी ने भी अपना 111 दिन की तपस्या करके गंगा जी के लिए अपना बलिदान दिया ।
आश्रम के संत गंगा जी के लिए तपस्या करने के लिए प्रतिस्पर्धा रहती है जिस कारण संतों व आश्रम को देश-विदेश में आध्यात्मिक रूप में जाना व माना जाता है जिस कारण माफिया किस्म के लोग षड्यंत्र के तहत किसी न किसी साजिश के तहत आश्रम के संतों को भी नुकसान पहुंचाने में लगे रहते हैं हरिद्वार के अरुण भदोरिया एडवोकेट जो भी लगभग 26 साल से एडवोकेट रह रहे हैं
उन्होंने बताया कि परम अध्यक्ष पूज्य शिवानंद जी महाराज के द्वारा भी मां गंगा के लिए एक बार तो लगातार 7 दिन बिना कुछ खाए पिए यहां तक की पानी की बूंद भी लिए बिना कठोर तपस्या की और अच्छी तरह याद होना बताया कि गर्मी का मौसम था

इसके बावजूद मां गंगा के आशीर्वाद से राज्य सरकार द्वारा सभी मांगे मानी गई और वर्तमान में याचिका संख्या 15 /2022 जो माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड में जनहित याचिका मातृ सदन बनाम भारत संघ आदि के नाम से दायर की गई थी जिसमें उच्च न्यायालय उत्तराखंड द्वारा दिनांक 30 जुलाई 2025 में जनपद हरिद्वार में अवैध रूप से कार्य कर रहे 48 स्टोन को तत्काल प्रभाव से बंद करने बिजली, पानी तक काटे जाने के आदेश जिलाधिकारी हरिद्वार व एसएसपी हरिद्वार को आदेश पारित किए हैं जिस खनन माफिया में तहलका मचा हुआ है खाना माफिया पूर्व में भी कोई ना कोई षड्यंत्र करके केवल गंगा में हो रहे अवैध खनन न करने देने पर आश्रम के संतों के विरुद्ध जानलेवा हमले करना व करना कार्य रहा है और वर्तमान में माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखंड द्वारा स्टोन क्रेशर को पूर्ण रूप से बंद करने के आदेश के कारण कोई ना कोई षड्यंत्र करके कोई अनहोनी आश्रम में ना कर दे या ना करवा दे क्योंकि वर्तमान में कोई भी सुरक्षा कर्मी नहीं है और स्थिति भयानक है और आश्रम लगभग जंगल में है और वर्तमान की स्थिति को देखते हुए यह जरूरी भी है होने वाली आशंका को देखते हुए आश्रम के सभी संत व पूज्य गुरुदेव स्वामी शिवानंद जी महाराज की सुरक्षा हेतु 18 पुलिस कर्मी स्थाई रूप से तैनात किए जाने के लिए हरिद्वार के मातृ सदन आश्रम के एडवोकेट अरुण भदोरिया ,कमल भदोरिया एडवोकेटने मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार को पत्र लिखकर सुरक्षात्मक कार्रवाई हेतु भेजा है
