चारधाम यात्राः मंदिर परिसरों में मोबाइल-कैमरा प्रतिबंधित |Click कर पढ़िये पूरी News

सिटी लाइव टुडे, मीडिया हाउस
ऋषिकेश। चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने पहली समीक्षा बैठक ली। उन्होंनें यात्रा को सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने पर जोर दिया। साथ ही इस वर्ष चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा पूरी तरह प्रतिबंधित रखने के निर्देश दिए। इसके अलावा यात्रा से जुड़े सभी कार्यों को फास्ट ट्रैक मोड में पूरा करने को कहा।

शनिवार को चारधाम यात्रा ट्रांजिट कैंप में आयोजित समीक्षा बैठक में आयुक्त ने यात्रा मार्गों की सभी सड़कों को दुरुस्त रखने, पार्किंग क्षमता बढ़ाने, पैदल मार्गों के सुधारीकरण और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। कहा कि हेली सेवाओं सहित सभी आवश्यक सुविधाओं की अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
बैठक में 2025 की चारधाम यात्रा के दौरान सामने आई समस्याओं और अनुभवों पर चर्चा के बाद आयुक्त ने बताया कि बीते सीजन में 50 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने यात्रा की और सभी के सहयोग से यात्रा का सफल संचालन हुआ। इस वर्ष यात्रा को और अधिक सरल एवं सुव्यवस्थित बनाने के लिए ठोस प्रयास किए जाएंगे।
गढ़वाल आयुक्त ने यात्रा से जुड़े जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि अत्यावश्यक कार्यों की स्क्रूटनी कर एक सप्ताह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाए और कार्य तत्काल शुरू किए जाएं। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिलों की मांग के अनुरूप शीघ्र ही बजट उपलब्ध कराया जाएगा।
पिछले सीजन में भारी वर्षा से सड़कों पर आए मलवे को लेकर आयुक्त ने एनएच, लोक निर्माण विभाग और बीआरओ को निर्देश दिए कि यात्रा मार्गों पर पड़े मलवे का प्राथमिकता के आधार पर एक माह के भीतर निस्तारण कर सड़कों को पूरी तरह सुचारू किया जाए।
दर्शन व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए इस वर्ष चारों धामों के मंदिर परिसरों में मोबाइल फोन और कैमरा ले जाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। बीकेटीसी को निर्देश दिए गए हैं कि श्रद्धालुओं के मोबाइल और कैमरे सुरक्षित रखने के लिए अलग से व्यवस्था की जाए।
आयुक्त ने बताया कि कपाट खुलने की तिथियां अभी घोषित नहीं हुई हैं, लेकिन यात्रा अप्रैल से शुरू होने की संभावना है। ऐसे में पेयजल, चिकित्सा, परिवहन, खाद्यान्न, पुलिस, सफाई, बिजली, दूरसंचार, हेली सेवा और आपदा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे क्रियाशील रखा जाए।
बैठक में हरिद्वार, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों की यात्रा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे कार्यों की स्वयं निगरानी करें और किसी भी समस्या पर आपसी समन्वय से त्वरित समाधान सुनिश्चित करें।

बैठक में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया, हरिद्वार मयूर दीक्षित, टिहरी निकिता खण्डेलवाल, उत्तरकाशी प्रशांत आर्या, रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन, चमोली गौरव कुमार, सीडीओ देहरादून अभिनव शाह, एसएसपी हरिद्वार पीएस डोभाल, पौड़ी सर्वेश पंवार, एसपी टिहरी टीआर. जोशी, चमोली सुरजीत सिंह पंवार, अपर आयुक्त उत्तम सिंह चौहान, एमडी जीएमवीएन विशाल मिश्रा आदि मौजूद रहे।
